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सोने से पहले की कहानी · 4–8 वर्ष

लूमी की शुभरात्रि डाक

चाँद वाले तीन कार्ड और एक छोटी डाक की थैली लूमी को बताते हैं कि शुभरात्रि फुसफुसाकर, चित्र बनाकर या दरवाज़े के पास चुपचाप भी कही जा सकती है।

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लूमी नीची लकड़ी की मेज़ पर हल्के रंग के कार्ड में नीला चाँद बनाता है; पास में दो और कार्ड और पीली-भूरी डाक की थैली है

तीन छोटे चाँद

शाम की रोशनी में लूमी की गोल खिड़की किसी गर्म आड़ू जैसी लग रही थी। बगीचे में पत्ते अपना शांत हिस्सा आसमान की ओर कर रहे थे। लूमी ने मेज़ पर तीन छोटे कार्ड रखे।

“मैं शुभरात्रि की डाक बनाऊँगा,” उसने कहा। नीले मोम के रंग से उसने पहले कार्ड पर छोटा चाँद बनाया। चाँद का मुँह नहीं था। फिर भी लगता था कि वह कोई प्यारी बात कह रहा है।

सबकी अपनी शुभरात्रि

लूमी ने बाकी चाँद पूरे किए और अपनी पीली-भूरी छोटी डाक की थैली निकाली। वह लगभग एक बहुत तेज़ गाना भी जोड़ने वाला था। फिर उसने विराम लिया।

“मुझे सोने से पहले शांत कहानी अच्छी लगती है,” उसने सोचा। “शायद मेरे दोस्तों को कुछ और पसंद हो।” उसने तीनों कार्ड थैली में रखे। वह एक बड़ी इच्छा नहीं ले जाएगा जिसे सबको बाँटना पड़े। वह छोटा सवाल ले जाएगा: “आज रात तुम्हें क्या अच्छा लगेगा?”

पिप के लिए फुसफुसाहट

छोटा चूहा पिप खिड़की के पास मुलायम कपड़ा तह कर रहा था। लूमी बाहर रुका और अपना नन्हा पंजा उठाया।

“क्या मैं तुम्हें शुभरात्रि कहूँ?” उसने पूछा। “बिलकुल छोटी-सी,” पिप ने कहा। “सिर्फ़ फुसफुसाकर। मैं अब गोल होकर लेटने वाला हूँ।” पिप ने खिड़की की नीची चौखट की ओर इशारा किया। लूमी ने वहाँ चाँद वाला कार्ड रखा और फुसफुसाया, “शुभरात्रि, पिप।” उसने ऐसा कोई सवाल नहीं जोड़ा जिसका जवाब देना ज़रूरी हो।

शाम के धुँधलके में लूमी छोटे हेजहॉग टिम के थोड़े खुले दरवाज़े के पास बेंच पर चाँद वाला कार्ड रखता है

टिम का छोटा दरवाज़ा

छोटे हेजहॉग टिम के घर का दरवाज़ा बस थोड़ा-सा खुला। पहले टिम की नाक दिखी, फिर नींद भरी दो आँखें। उसके पीछे गर्म रोशनी का छोटा टुकड़ा था।

“तुम्हें थोड़ा साथ चाहिए या बस धीरे से शुभरात्रि कह दूँ?” लूमी ने पूछा। “बस धीरे से शुभरात्रि, कृपया,” टिम बोला। “मेरा तकिया मेरा इंतज़ार कर रहा है। क्या मेरा कार्ड बाहर रह सकता है?” लूमी ने सिर हिलाया। दोस्त तक शुभरात्रि का संदेश पहुँचाने के लिए अंदर जाना ज़रूरी नहीं था।

सीढ़ी के पास बेंच

लूमी ने दूसरा चाँद वाला कार्ड टिम की सीढ़ी के पास छोटी बेंच पर रखा। नन्ही छत के नीचे वह सूखा और सुरक्षित रहेगा। टिम जब चाहे उसे देख सकता है।

हेजहॉग ने अपना पंजा थोड़ा-सा हिलाया। लूमी ने भी उतना ही छोटा इशारा किया। वह लंबी बात या दूसरे निमंत्रण का इंतज़ार नहीं करने लगा। थोड़ी देर में दरवाज़े के पास सिर्फ़ पत्तों की आवाज़ थी। वे बहुत धीरे शुभरात्रि कहना जानते थे।

एक कार्ड बचा

घर लौटते हुए लूमी ने थैली में आखिरी कार्ड को छुआ। बगीचे में और भी खिड़कियाँ थीं, लेकिन लगभग सबकी रोशनी धीमी हो चुकी थी। उसने हर दरवाज़ा नहीं खटखटाया।

“शुभरात्रि के कुछ संदेश बस मन में रह सकते हैं,” उसने फुसफुसाया। उसने ऊँचे पेड़ के लिए शांत रात की इच्छा की और उस इच्छा को अपने अंदर रहने दिया। फिर उसने आखिरी छोटे चाँद को देखा। शायद यह शुभरात्रि उसके साथ घर जा सकती थी।

लूमी हरी रज़ाई के नीचे आराम करता है; पास खिलौना खरगोश और तीन कार्ड हैं, और हरा स्कार्फ़ तथा डाक की थैली खूँटी पर टँगे हैं

शेल्फ़ पर चित्र

लूमी ने डाक की थैली और हरा स्कार्फ़ खूँटी पर टाँग दिया। तकिए के पास उसका पुराना खिलौना खरगोश इंतज़ार कर रहा था। नीची खाट के पास दो पुराने कार्ड थे: एक तारा जो पिप ने बरसात की दोपहर बनाया था, और एक पत्ता जिसे टिम ने उससे भी पहले रंगा था।

लूमी ने अपना नया चाँद उनके पास रखा। आज रात किसी को नया कार्ड बनाने की ज़रूरत नहीं थी। पुराने चित्रों में अब भी दोस्ती भरी थी। “मेरे लिए भी थोड़ी शांति,” उसने कहा और अपने पंजे हरी रज़ाई में ढक लिए।

आखिरी शुभरात्रि

गोल खिड़की से असली चाँद तीनों छोटे चित्रों पर धीरे-धीरे चमक रहा था। लूमी ने पिप की फुसफुसाहट और टिम की छत वाली बेंच को याद किया। हर शुभरात्रि को अपनी जगह मिल गई थी।

“शुभरात्रि, बगीचे। शुभरात्रि, नन्हे पंजो।” अब उसे और इच्छाएँ रास्ते पर ले जाने की ज़रूरत नहीं थी। थैली खूँटी पर आराम कर रही थी। कमरा उसके आसपास आराम कर रहा था। लूमी की आँखें बंद हो गईं, और उसकी अपनी शुभरात्रि बिलकुल पास रही।

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देखें और सीखें

नए शब्द

फुसफुसाहटइतनी धीमी आवाज़ जो आमतौर पर पास से ही सुनाई देती है
डाकचिट्ठियाँ और कार्ड जिन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं
विरामअगला काम करने से पहले थोड़ा रुकना
शांतिजब आसपास आवाज़ें कम हों या मन आराम में हो

साथ सोचें

पढ़ने के बाद बात करें

  1. आज तुम कैसी शुभरात्रि चुनोगे? इशारा करना या बस चुप रहना भी ठीक है।
  2. लूमी ने कैसे दिखाया कि उसने टिम की बात सुनी?
  3. तुम अपने शुभरात्रि कार्ड में कौन-सा चित्र बनाना चाहोगे?
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