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सोने की कहानी · 4–8 वर्ष

नोरा और धीमी आवाज़ों की किताब

खाली कॉपी लिए एक चुहिया जानती है कि पत्ते की सरसराहट, फाटक की चरमराहट और दोस्त के कदमों में पूरी शाम छिपी है।

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नीला-हरा स्कार्फ पहने चुहिया नोरा सांझ में घर के पास बेंच पर कॉपी में पत्ता बनाती है

जगह वाला पन्ना

नोरा नई कॉपी लेकर बेंच पर बैठी थी। वह उसमें कुछ अद्भुत भरना चाहती थी: कोई पहाड़, जुलूस या ऐसा गीत जिसे सब जानते हों। लेकिन उसकी नीली पेंसिल रुकी रही। बगीचे में कोई जुलूस नहीं था। पहाड़ दूर थे। ऊपर बर्च के पेड़ का एक पत्ता दूसरे से छुआ। सर-सर। नोरा ने कान उठाए। आवाज़ इतनी धीमी थी कि छूट सकती थी, और इतनी प्यारी कि उसे सँभालने का मन हुआ।

बिना आवाज़ वाला पत्ता

उसने एक पत्ता बनाया और पास में छोटी घुमावदार रेखा खींची। चित्र से कोई आवाज़ नहीं आई। नोरा ने पन्ना कान के पास रखकर देखा। फिर भी कुछ नहीं। फिर वह मुस्कुराई। किताब को सरसराना ज़रूरी नहीं था। पत्ता देखकर वह उसकी आवाज़ याद कर सकती थी। उसने चित्र के आसपास बहुत-सी सफ़ेद जगह छोड़ी। उसने सोचा, छोटी आवाज़ को भरे हुए पन्ने में दबकर क्यों रहना पड़े?

नोरा और कछुआ तोमा लकड़ी के फाटक पर सुनते हैं और नोरा चित्रों वाली कॉपी पकड़े है

फाटक का छोटा गीत

कछुआ तोमा पगडंडी से आया। उसने बगीचे का फाटक थोड़ा खोला। चर्र। नोरा ने ऊपर देखा। “एक बार और करोगे?” उसने पूछा। तोमा ने फाटक धीरे हिलाया। चर्र। “इसका गीत बहुत छोटा है,” नोरा बोली। उसने दो खंभे और एक टेढ़ी रेखा बनाई। तोमा झुककर देखने लगा। “तुमने फाटक बनाया है।” “हाँ,” नोरा बोली, “लेकिन मुझे उसका गीत याद रहेगा।”

आवाज़ों के बीच क्या है

वे साथ बेंच पर बैठे। पत्ता सरसराया। फाटक चुप रहा। फिर तोमा उठा और उसके पैरों से रास्ते पर हल्की सरकने की आवाज़ आई। नोरा ने कॉपी में छोटे पदचिह्न बनाए। “इनके बीच क्या बनाओगी?” तोमा ने पूछा। नोरा ने कदमों के बाद का विराम सुना। “अभी कुछ नहीं,” वह बोली। “मुझे इंतज़ार की थोड़ी जगह पसंद है।” तोमा ने सिर हिलाया और शुभरात्रि कहकर हाथ हिलाया। नोरा उसे परिचित रास्ते पर धीरे जाते देखती रही।

नोरा नीली रज़ाई में चित्रों की कॉपी लिए लेटी है और माँ उसके पास बैठी हैं

किताब घर आती है

घर पर माँ नीली रज़ाई का कोना मोड़ रही थीं। नोरा ने स्कार्फ खूंटी पर टाँगा और कॉपी लेकर बिस्तर में चढ़ गई। “मैं पत्ता, फाटक और तोमा के कदम लाई हूँ,” उसने कहा। माँ ने चित्र देखे। “इतनी छोटी किताब में सब आ गए।” नोरा ने पन्ना पलटा। “लेकिन आवाज़ों के बीच की जगह नहीं ला सकी।” माँ पास बैठ गईं। कुछ देर दोनों चुप रहीं। “शायद उसकी थोड़ी जगह भी तुम लाई हो,” माँ बोलीं।

किसी और शाम का पन्ना

नोरा ने पत्ते के चित्र को छुआ। मन में सर-सर सुनाई दिया। उसने फाटक छुआ और उसकी छोटी चरमराहट याद की। पदचिह्नों के बाद एक साफ़ खाली पन्ना था। उसने पेंसिल नहीं उठाई। और शामें आएँगी, और नई बातें दिखेंगी। नोरा ने किताब बंद करके बिस्तर के पास रख दी। माँ ने रज़ाई धीरे ठीक की। अभी कमरे को एक और कहानी की ज़रूरत नहीं थी। उसमें शांत रहने की थोड़ी जगह थी।

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देखें और सीखें

नए शब्द

सरसराहटपत्तों के आपस में छूने जैसी हल्की सूखी आवाज़
पदचिह्नज़मीन पर पैर पड़ने से बचा निशान
विरामकिसी बात के आगे बढ़ने से पहले थोड़ा रुकना

साथ सोचें

पढ़ने के बाद बात करें

  1. नोरा की किताब में तुम कौन-सी आवाज़ रखोगे? उसे बता या चित्र बना सकते हो।
  2. नोरा ने चित्रों के आसपास जगह क्यों छोड़ी होगी?
  3. किसी और शाम अगले पन्ने पर क्या आ सकता है?
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